बरेली हिंसा: ‘आई लव मुहम्मद’ प्रदर्शन के मास्टरमाइंड नदीम खान गिरफ्तार, मौलाना तौकीर रजा के करीबी के होटल और बरातघर सील

बरेली, 29 सितंबर 2025 उत्तर प्रदेश के बरेली में हाल ही में भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नदीम खान, जो इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान का करीबी सहयोगी माना जाता है, शाहजहांपुर जिले से धर दबोचा गया। नदीम को बरेली दंगों का ‘मास्टरमाइंड’ बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने तौकीर रजा के करीबी के स्वामित्व वाले एक होटल और दो बरातघरों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई हिंसा को भड़काने और भीड़ जुटाने के आरोपों के तहत की गई है। पुलिस का दावा है कि नदीम के फोन से कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है, जो पूरे घटनाक्रम को और स्पष्ट करेंगे।


नदीम की गिरफ्तारी: भागने की योजना नाकाम

पुलिस के अनुसार, बरेली में शुक्रवार की नमाज के बाद हुई हिंसा के बाद नदीम फरार हो गया था। वह उत्तर प्रदेश से बाहर भागने की फिराक में था, लेकिन मुखबिरों की सूचना पर शाहजहांपुर में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। नदीम ने कथित तौर पर हिंसा भड़काने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें लोगों को विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने का संदेश भेजा गया। उसके फोन को जब्त कर लिया गया है, जिसमें चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स से महत्वपूर्ण सबूत मिलने की उम्मीद की जा रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, नदीम तौकीर रजा का ‘दाहिना हाथ’ था और उनके हर आदेश का पालन करता था। वह एक हफ्ते से बरेली में हिंसा की साजिश रच रहा था। पुलिस ने नदीम से पूछताछ में कई अहम जानकारियां हासिल की हैं, जो अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने में मददगार साबित होंगी।


‘आई लव मुहम्मद’ अभियान: प्रदर्शन से हिंसा तक का सफर

हिंसा की जड़ ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान है, जिसके समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के संस्थापक तौकीर रजा खान ने एक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। अधिकारियों ने प्रदर्शन की अनुमति न देने के कारण इसे रद्द कर दिया, जिससे नाराज भीड़ ने शुक्रवार की नमाज के बाद कोतवाली इलाके में एक मस्जिद के बाहर पोस्टर लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई, जिसमें पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं।

भीड़ ने कथित तौर पर पुलिस पर हमला किया, जिसके जवाब में योगी सरकार की फोर्स ने कट्टरपंथियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। घटना के दौरान कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। तौकीर रजा को हिंसा के एक दिन बाद गिरफ्तार किया गया था, और अब नदीम की गिरफ्तारी ने इस सिलसिले को नई दिशा दी है।


पुलिस की सख्त कार्रवाई: होटल और बरातघर सील

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तौकीर रजा के करीबी के स्वामित्व वाले एक होटल और दो बरातघरों को सील कर दिया। इन जगहों का इस्तेमाल कथित तौर पर साजिश रचने और लोगों को इकट्ठा करने के लिए किया जाता था। पुलिस का कहना है कि ये प्रतिष्ठान हिंसा को संगठित करने के केंद्र थे। इसके अलावा, बरेली के विभिन्न थानों—कोतवाली, प्रेमनगर, बारादरी, कैंट और किला—में कुल 10 मामले दर्ज किए गए हैं।

इन मामलों में 180 नामजद और 2,500 अज्ञात ‘दंगाइयों’ के खिलाफ दंगा भड़काने, तोड़फोड़, पथराव, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें तौकीर रजा और नदीम प्रमुख हैं। पुलिस ने अन्य फरारों की तलाश तेज कर दी है।


कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने नदीम के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उसके व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्यों की भी जांच की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह गिरफ्तारी बरेली हिंसा के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है।

हिंसा प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है, और सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है ताकि अफवाहें न फैलें। पुलिस का उद्देश्य अब पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर सभी दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है।

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