केदारनाथ धाम के लिए 9 कंपनियां हेली सेवाएं देंगी। कुछ दिन बाद हेली सेवा की बुकिंग शुरू होने वाली है। गुप्तकाशी से केदारनाथ का किराया 8532 रुपये फाटा से 6062 रुपये और सिरसी से 6060 रुपये। यूकाडा के एसीईओ दयानंद सरस्वती ने यह जानकारी दी वहीं सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत ने यात्रा तैयारियों का लिया जायजा।
केदारनाथ धाम के लिए नौ कंपनियां हेली सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। हेली सेवा के लिए टिकट की बुकिंग आठ अप्रैल को दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगी।
केदारनाथ धाम के लिए यह हेली सेवाएं गुप्तकाशी, फाटा व सिरसी से संचालित की जाएंगी। इसके लिए किराया भी निर्धारित कर दिया गया है।
गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए 8532 रुपये, फाटा से 6062 रुपये और सिरसी से 6060 रुपये तय किया गया है। यूकाडा के एसीईओ दयानंद सरस्वती ने यह जानकारी दी।
रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से यात्रा तैयारियां को लेकर केदारनाथ पैदल मार्ग समेत यात्रा मार्ग पर जरूरी बुनियादी सुविधाएं बहाल की जा रही हैं। वहीं केदारनाथ यात्रा के लिए वरिष्ठ आईएएस नोडल अधिकारी के रूप में आईएएस अधिकारी अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत को केदारनाथ धाम की यात्रा तैयारियों की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है। सचिव शुक्रवार को ऊखीमठ पहुंचे। उन्होंने केदारनाथ यात्रा मार्ग में तीर्थयात्रियों की मूलभूत सुविधाओं पेयजल, विद्युत, संचार, परिवहन, स्वास्थ्य, आवासीय व्यवस्थाओं, पार्किंग की स्थिति, केदारनाथ धाम के लिए घोड़े-खच्चर, डंडी-कंडी व सड़क मार्ग का लेकर जानकारी ली।
इस दौरान उन्होंने तीर्थयात्रा से जुड़ी संस्थाओं बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी), स्थानीय लोगों, हक हकूकधारियों तथा केदारनाथ सभा से भी बातचीत की और केदारनाथ यात्रा के संबंध में सुझाव मांगे। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंचकर सचिव युगल किशोर पंत ने केदारनाथ धाम के शीतकालीन गद्दीस्थल के दर्शन किए। इस दौरान केदारनाथ धाम प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान ने सचिव को शीतकालीन पूजा व्यवस्था के विषय में अवगत कराया।
इस अवसर पर केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने केदारनाथ धाम यात्रा के विषय में सचिव के सम्मुख सुझाव रखे। इस मौके पर पुजारी शिवशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर लिंग, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, कुलदीप धर्म्वाण सहित समिति कर्मचारी, अन्य विभागों के अधिकारीगण एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।